LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
विशेष रिपोर्ट

AI खर्च का बुलबुला? नैस्डेक में गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ी

दिनांक: Friday, 23 October 2026 | समय: 11:49 AM | लेखक: | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट

वैश्विक शेयर बाज़ारों में 23 अक्टूबर को एक सवाल सबसे ज़्यादा गूंजा — क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हो रहा खरबों डॉलर का खर्च एक नया बुलबुला है? अमेरिकी शेयर बाज़ार में नैस्डेक सूचकांक 2.6 प्रतिशत गिरा, जिससे निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ गई। कैलिफोर्निया के विशाल पेंशन फंड कैलपर्स ने तकनीकी दिग्गजों की मैग्निफिसेंट-7 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। इसका कारण ऊंचे मूल्यांकन और बेतहाशा पूंजीगत खर्च पर बढ़ता संदेह बताया जा रहा है। एशियाई बाज़ारों में भी गिरावट दर्ज हुई, जबकि जापानी बॉन्ड और येन सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़े — बाज़ार की भाषा में इसे ‘फ्लाइट टू सेफ्टी’ कहा जाता है। बहस का मूल प्रश्न यह है कि तकनीकी कंपनियों का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा खर्च लंबे समय में टिकाऊ है या नहीं। भारत के लिए भी यह बहस अहम है, क्योंकि देश का आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक तकनीकी रुझानों से गहराई से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तिमाही नतीजे ही तय करेंगे कि यह अस्थायी डर है या संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत।

तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

संबंधित ख़बरें