वैश्विक अनिश्चितता में भी भारत की वृद्धि मजबूत, निर्यात रिकॉर्ड ओर

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि लगातार मजबूत बनी हुई है। एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मांग, निजी उपभोग और बुनियादी ढांचे में निवेश अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। वाहन, आवास, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ रही है, जिससे निवेश और नवाचार को भी गति मिल रही है। डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के विस्तार ने लेन-देन की लागत घटाई है और छोटे व्यवसायों को अपने पारंपरिक बाजार से बाहर ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष दो हजार छब्बीस-सत्ताईस में भारत का निर्यात एक ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है, जबकि दो हजार तीस तक इसे दो ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। विनिर्माण क्षेत्र ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नौ दशमलव दो प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। जानकारों का मानना है कि मजबूत घरेलू बुनियाद और सक्रिय नीतिगत प्रबंधन भारत को वैश्विक विकास की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखेंगे।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Jawaharlal_Nehru_Trust_Port.jpg (CC BY 3.0)
