योगी ने साइबर खतरों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया

लखनऊ में चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन टेक संगम 2026 के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर अपराधों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डीपफेक, साइबर ठगी, पहचान की चोरी और डिजिटल साक्ष्य की विश्वसनीयता जैसे नए खतरे समाज के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। इनसे निपटने के लिए सरकार, तकनीकी विशेषज्ञों और आम नागरिकों को एक साथ आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान में आयोजित इस सम्मेलन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई एक उपयोगी सहायक जरूर है, लेकिन उसे अंतिम निर्णायक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हम हर काम के लिए पूरी तरह एआई पर निर्भर हो गए, तो वही तकनीक जो आज मदद कर रही है, कल चुनौती बन सकती है। शासन, अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में तकनीक का उपयोग एक सुव्यवस्थित ढांचे के भीतर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक ने कामकाज की गति और पारदर्शिता बढ़ाई है, लेकिन इसके दुरुपयोग को रोकना भी उतना ही जरूरी है। सम्मेलन का उद्देश्य तकनीक के लाभ और उसके जोखिम, दोनों पर संतुलित चर्चा करना है, ताकि आने वाले समय में एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल व्यवस्था बनाई जा सके।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:The_NITI_Aayog_delegation_in_a_meeting_with_the_Chief_Minister_of_Uttar_Pradesh,_Shri_Yogi_Adityanath,_in_Lucknow,_Uttar_Pradesh_on_May_10,_2017.jpg (GODL-India)
