ओडिशा में खेतों पर सोलर पैनल, फसल और बिजली साथ-साथ

ओडिशा सरकार ने देश की पहली समर्पित एग्री-वोल्टाइक नीति 2026 लागू की है। इस नीति के तहत किसानों के खेतों में सोलर पैनल लगाए जाएँगे, लेकिन शर्त यह है कि भूमि की प्राथमिक प्रकृति कृषि ही बनी रहे। नीति के अनुसार कम से कम 90 प्रतिशत क्षेत्रफल पर नियमित फसलों की बुवाई जारी रखना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करना है। खेत में एक ही जमीन से दो लाभ मिलेंगे। एक ओर फसल की आमदनी होगी, दूसरी ओर बिजली उत्पादन से अतिरिक्त आय होगी। सौर ऊर्जा से गाँवों में बिजली की उपलब्धता भी सुधर सकती है और सिंचाई के लिए सस्ती ऊर्जा मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एग्री-वोल्टाइक तकनीक में पैनलों की छाया फसलों को तेज धूप से बचा सकती है और पानी की बचत में भी मदद कर सकती है। हालांकि, पैनलों की स्थापना, रखरखाव और फसल चक्र के बीच तालमेल बनाना चुनौती होगी। किसानों को तकनीकी जानकारी और वित्तीय सहायता देना इस नीति की सफलता की कुंजी माना जा रहा है। ओडिशा का यह प्रयोग देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जहाँ खेती और स्वच्छ ऊर्जा को साथ-साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Agrivoltaics%20-%2051413380166.jpg (CC BY 2.0)
