विकास सूचना दिवस: जानकारी से ही होगा सतत विकास

24 अक्टूबर को विश्व विकास सूचना दिवस भी मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1972 में विकास समस्याओं के समाधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिवस की शुरुआत की थी। इस दिवस का मूल संदेश यह है कि विकास की जानकारी ही विकास की कुंजी है। जब तक लोगों तक सही जानकारी नहीं पहुँचेगी, तब तक गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से नहीं निपटा जा सकता। सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देशों के बीच सूचना, तकनीक और अनुभव का आदान-प्रदान जरूरी है। विकासशील देशों में डिजिटल तकनीक के विस्तार ने जानकारी की पहुँच बढ़ाई है, लेकिन डिजिटल खाई अब भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट, पुस्तकालय और सामुदायिक मीडिया की भूमिका इसीलिए और अहम हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि विकास की कहानी सिर्फ आँकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह जानने की कहानी है कि योजनाएँ जमीन पर कैसे काम कर रही हैं। नागरिकों की भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के बिना विकास अधूरा रहता है। विश्व विकास सूचना दिवस हमें याद दिलाता है कि सही जानकारी, सही समय पर, सही लोगों तक पहुँचना ही समावेशी विकास की पहली शर्त है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bardney%20Community%20Fire%20Station%20and%20sustainable%20energy%20centre%20-%20geograph.org.uk%20-%203184667.jpg (CC BY-SA 2.0)
