जलवायु लक्ष्य भटकेः COP31 से पहले 2.8°C तापन की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की 22 अक्टूबर को जारी उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2026 ने जलवायु मोर्चे पर एक गंभीर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा नीतियों के दम पर 2100 तक धरती का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, और सभी प्रतिज्ञाएं पूरी हो जाएं तब भी तापन 2.6 डिग्री तक पहुंचेगा। यानी 1.5 डिग्री का लक्ष्य लगातार फिसल रहा है। इसी दिन यूरोपीय संसद ने तुर्किये में नवंबर में होने वाले COP31 से पहले जीवाश्म ईंधन को तेज़ी से खत्म करने और जलवायु वित्त बढ़ाने का आह्वान किया। रिपोर्ट बताती है कि चीन सबसे बड़ा उत्सर्जक देश है — 16.1 अरब टन, अमेरिका प्रति व्यक्ति सबसे अधिक 17.6 टन उत्सर्जन करता है, जबकि भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन मात्र 3.1 टन है। बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोप को घेरा और कहा कि संकट विकसित देशों ने पैदा किया है, और अब कार्बन बॉर्डर टैक्स यानी सीबैम से विकासशील देशों की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। COP31 में वित्त और जीवाश्म ईंधन से दूरी के गणित पर विकासशील और विकसित देशों के बीच तीखी तकरार तय मानी जा रही है।
तस्वीर: Wikimedia Commons (CC0)
