विशेष रिपोर्ट: जिम्बाब्वे सीरीज़ के बहाने महिला क्रिकेट का उभार

वडोदरा में आज से शुरू हो रही भारत-जिम्बाब्वे महिला वनडे सीरीज़ एक और द्विपक्षीय मुकाबले से कहीं बढ़कर है। यह भारतीय महिला क्रिकेट के उस उभार की कहानी कहती है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में खेल के परिदृश्य को बदल दिया है। घरेलू ढांचे का विस्तार, महिला प्रीमियर लीग और बेहतर सुविधाओं ने नई पीढ़ी को मैदान तक पहुंचाया है।
कभी सीमित संसाधनों में खेलने वाली महिला क्रिकेटरों के लिए अब पेशेवर करियर संभव हुआ है। वेतन समानता की दिशा में उठाए गए कदमों और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में बढ़ते मुकाबलों ने खिलाड़ियों को नियमित मंच दिया है। जिम्बाब्वे जैसी उभरती टीमों के खिलाफ सीरीज़ युवा खिलाड़ियों को आज़माने का मौका भी देती है।
चुनौती अब निरंतरता की है। द्विपक्षीय सीरीज़ के साथ-साथ बड़े टूर्नामेंटों में खिताब जीतना ही इस उभार को मुकम्मल करेगा। वडोदरा की यह सीरीज़ उस दिशा में एक और कदम है, जहां हर मैच महिला क्रिकेट के बढ़ते कद की गवाही देता है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3A2017_Women%27s_Cricket_World_Cup_IMG_2716_%2836007539511%29.jpg (CC0)
