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सितंबर में तेल आयात बिल 47% बढ़कर 15.4 अरब डॉलर पहुंचा

दिनांक: Friday, 23 October 2026 | समय: 04:54 AM | लेखक: | श्रेणी: व्यापार

पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत के आयात बिल पर साफ दिख रहा है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर महीने में भारत का कच्चे तेल का आयात बिल 47 प्रतिशत बढ़कर 15.4 अरब डॉलर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि आयात की मात्रा सिर्फ 7 प्रतिशत बढ़कर 2.17 करोड़ टन हुई — यानी बिल में उछाल का मुख्य कारण कीमतों में तेज़ वृद्धि है। सितंबर में भारतीय बास्केट कच्चे तेल का औसत भाव 116.09 डॉलर प्रति बैरल रहा, जबकि एक साल पहले यह 69.61 डॉलर था।

कुल मिलाकर सितंबर में भारत का शुद्ध तेल और गैस बिल करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 13.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 24.6 प्रतिशत घटकर 4.8 अरब डॉलर रह गया। एलएनजी आयात पर 1.2 अरब डॉलर खर्च हुए। चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में कच्चे तेल का आयात 46.4 प्रतिशत बढ़कर 90.6 अरब डॉलर और शुद्ध तेल-गैस बिल 81.1 अरब डॉलर हो गया है।

कच्चा तेल भारत का सबसे बड़ा आयात मद है, जो कुल माल आयात बिल का लगभग 20 प्रतिशत है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर से ऊपर बना हुआ है और हूती हमलों के बाद आपूर्ति को लेकर चिंता गहरी हुई है, जिससे आने वाले महीनों में भी आयात बिल ऊंचा बने रहने की आशंका है।

तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:BPCLrefinery-Kochi-4Sep2026_%281%29.jpg (CC BY-SA 4.0)

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