रुपया 44 पैसे गिरकर 94.82 पर, कच्चे तेल का दबाव जारी

गुरुवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 44 पैसे की तेज़ गिरावट के साथ 94.82 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में रुपया 94.47 पर खुला था, लेकिन कारोबार के दौरान यह 94.94 के इंट्राडे निचले स्तर तक फिसल गया। गिरावट की मुख्य वजह घरेलू शेयर बाज़ार की कमज़ोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल रही।
ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 3.23 प्रतिशत बढ़कर 112.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था और शुक्रवार को यह 115 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा। हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ने और डॉलर की मांग तेज़ होने का दबाव रुपये पर पड़ा। हालांकि डॉलर इंडेक्स में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने रुपये की गिरावट को कुछ थामा।
शुक्रवार को रुपये की शुरुआत संभलकर हुई — यह 3 पैसे की बढ़त के साथ 94.79 पर खुला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक आगे क्रूड की कीमतें, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और अमेरिका के रोज़गार आंकड़ों पर नज़र रहेगी। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से 1,022 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:RBI_Bhubaneswar.jpg (CC BY-SA 4.0)
