विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप से कबड्डी की वैश्विक छलांग

मिट्टी के अखाड़ों से निकलकर कबड्डी अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही है। अहमदाबाद में शुरू हो रही पहली राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप इस सफर का नया अध्याय है, जहां 13 देशों की 23 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलैंड जैसी टीमों की मौजूदगी बताती है कि यह खेल अब सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहा।
इस विस्तार में प्रो कबड्डी लीग की बड़ी भूमिका रही है। लीग ने खेल को टेलीविज़न और आधुनिक प्रस्तुति से जोड़ा, जिससे युवा पीढ़ी और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय इससे जुड़े। राष्ट्रमंडल खेलों के मंच पर कबड्डी का आना ओलंपिक सपने की दिशा में भी एक कदम माना जा रहा है।
हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। नियमों का मानकीकरण, अंतरराष्ट्रीय महासंघों की सक्रियता और गैर-पारंपरिक देशों में बुनियादी ढांचा अब भी विकास के दौर में है। फिर भी, 62 मुकाबलों वाली यह चैंपियनशिप कबड्डी को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थायी जगह दिलाने की दिशा में अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File%3AA_Kabaddi_Exhibition_Match_between_the_Pro_Kabaddi_All_Stars_and_the_Aussie_Raiders%2C_as_part_of_the_Pro_Kabaddi_League-_Melbourne_Raid_-_28_December_2024.jpg (CC BY-SA 4.0)
