विशेष रिपोर्ट: इन्फ्लुएंसर पर कानून की लगाम, आमिर शौकीन केस

नई दिल्ली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की बढ़ती मनमानी पर अब कानून की लगाम कसती दिख रही है। ताजा मामला इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन का है, जिन्हें त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान वाले वायरल वीडियो के बाद गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस अब अदालत से उनकी कस्टडी की मांग कर रही है।
यह घटना एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि व्यूज और फॉलोअर्स की होड़ में इन्फ्लुएंसर कितनी दूर जा सकते हैं। किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में नहीं आता।
कानूनी जानकारों का कहना है कि ऑनलाइन उत्पीड़न और मानहानि पर सख्त प्रावधान मौजूद हैं। इन्फ्लुएंसरों को समझना होगा कि कैमरे के सामने की हरकत के भी वही कानूनी परिणाम होते हैं जो असल जिंदगी में होते हैं। जिम्मेदार कंटेंट ही लंबे समय तक विश्वसनीयता दिलाता है। सोशल मीडिया कंपनियों की भी जिम्मेदारी है कि वे हानिकारक कंटेंट पर नजर रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़े नियम और जागरूकता दोनों से ही इस समस्या का समाधान संभव है।
तस्वीर: Wikimedia Commons ()
