राहुल गांधी के मार्च से गरमाई राजधानी की सियासत

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मार्च को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। चुनाव आयोग और मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार और आयोग को घेरने की रणनीति बनाई है। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया। दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल ने आरोप लगाया है कि विपक्ष संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। इस मुद्दे की गूंज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची, जहां सुनवाई के दौरान न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर भी टिप्पणियां हुईं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले चुनावों से पहले विपक्ष एकजुटता दिखाने की कोशिश में है और मार्च उसी रणनीति का हिस्सा है। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। अब सवाल यह है कि यह सियासी टकराव सड़क से संसद तक कितना लंबा खिंचता है। दोनों पक्षों के बयानों से साफ है कि एसआईआर का मुद्दा आने वाले दिनों में भी बहस के केंद्र में रहेगा।
