न्यायपालिका को डराया नहीं जा सकता: CJI

नई दिल्ली। देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने कड़ा संदेश दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मार्च को लेकर चल रहे विवाद के बीच सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका को कोई भी डरा-धमका नहीं सकता और अदालत अपना काम संविधान के दायरे में रहकर करती है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि अदालत के बाहर कही जाने वाली बातें और अंदर रखे जाने वाले तर्क सब पर उनकी नजर रहती है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चुनाव आयोग और एसआईआर जैसे मुद्दों पर सियासी बयानबाजी तेज है और कई मामले शीर्ष अदालत में लंबित हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश की यह टिप्पणी संस्थाओं के बीच संतुलन और मर्यादा बनाए रखने का संकेत है। विपक्षी दलों ने मार्च को लोकतांत्रिक अधिकार बताया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष इसे दबाव की राजनीति कह रहा है। अदालत ने साफ किया है कि फैसले सबूतों और कानून के आधार पर होंगे, किसी भी तरह के शोर या दबाव से नहीं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है और सभी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
