मेट्रो बंदी पर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में जवाब

नई दिल्ली। राजधानी में प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा। पुलिस ने अदालत को बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम जरूरी था, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से इस कार्रवाई के लिए खेद भी जताया गया। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान करीब सात हजार लोगों को हिरासत में लिया गया था और कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। अदालत ने पुलिस से पूछा था कि स्टेशनों को बंद करने का फैसला किस आधार पर लिया गया। पुलिस ने अपने जवाब में सुरक्षा कारणों का हवाला दिया और कहा कि हालात सामान्य होते ही सेवाएं बहाल कर दी गई थीं। मामले की अगली सुनवाई में अदालत इस पर आगे विचार करेगी। इस घटना के बाद प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता और आम नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन पर बहस तेज हो गई है।
