जलवायु संकट से सुंदरबन के बच्चों का स्कूल छूटा

पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में जलवायु परिवर्तन, गरीबी और रोज़गार के सिकुड़ते साधनों से स्कूली लड़के तेजी से पढ़ाई छोड़कर प्रवासी मजदूरी की ओर जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार बार-बार आने वाले चक्रवात और बाढ़ ने खेती व मछली पकड़ने जैसे साधन नष्ट कर दिए हैं, जिससे परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
कई परिवारों के लिए बच्चों को कम उम्र में कमाई पर लगाना मजबूरी बनता जा रहा है। वहीं लड़कियों की स्कूल उपस्थिति में कन्याश्री योजना की वजह से सुधार हुआ है, और शिक्षक बताते हैं कि कक्षाओं में लड़कियां पहले से अधिक नियमित हो रही हैं। मनरेगा योजना के निलंबन ने भी इस संकट को गहराया है।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को 125 दिन के रोजगार का ऐलान किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आजीविका का स्थायी साधन नहीं मिलेगा, तब तक बच्चों का स्कूल छूटना और पलायन जारी रहेगा।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:3.3_million_children_affected_in_West_Bengal_due_to_cyclone_Yaas-Sundarban-West_Bengal-June_2021-20210620_133404.jpg (CC BY-SA 4.0)
