सिजिमली खनन विरोध में आदिवासी डॉक्टर गिरफ्तार, आक्रोश बढ़ा

ओडिशा पुलिस द्वारा 16 अक्टूबर को चिकित्सक और आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता डॉ. सीकेईरा तथा दलित कार्यकर्ता नाइक की गिरफ्तारी के बाद राज्य में विरोध और तेज हो गया है। दोनों कार्यकर्ता सिजिमली, कुत्रुमाली और नियामगिरि क्षेत्रों में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं के खिलाफ दलित और आदिवासी समुदायों के संघर्ष का समर्थन कर रहे थे।
कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि डबल इंजन मॉडल आदिवासी समुदायों के अधिकार छीनने का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये खनन परियोजनाएं पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम 1996 और वन अधिकार अधिनियम 2006 का खुला उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ाई जा रही हैं।
कांग्रेस का दावा है कि ओडिशा में दमन के इस बड़े अभियान के तहत तीन वर्षों में 43 पुलिस मामले दर्ज हुए और सौ से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। सोशल कार्यकर्ता प्रफुल्ल समंतरा ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार दोनों कार्यकर्ताओं के नाम मूल एफआईआर में नहीं थे और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:41s_Niyamgiri_Parab_(Festival)_2016_%26_Lado_Sikoka_Denounces_Vedanta.png (CC BY 3.0)
