पूर्वांचल में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जारी

वाराणसी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर ज़ोर दिया जा रहा है। नहरों की मरम्मत, तालाबों के जीर्णोद्धार और सूक्ष्म सिंचाई तकनीक को बढ़ावा देने से किसानों को समय पर पानी मिलने की उम्मीद बढ़ी है। किसानों का कहना है कि सिंचाई की बेहतर व्यवस्था से धान और गेहूं के साथ-साथ सब्ज़ियों की खेती में भी उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी। कृषि विभाग किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने के लिए प्रशिक्षण व सहायता दे रहा है, ताकि पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़े। कई गांवों में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाए गए हैं, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूजल स्तर बनाए रखने के लिए वर्षा जल संचयन को भी सिंचाई योजनाओं से जोड़ना ज़रूरी है। स्थानीय किसान संगठनों ने नहरों की नियमित सफाई और पानी वितरण में पारदर्शिता की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हर माह की जा रही है और बचे हुए कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे, ताकि आने वाले रबी सीज़न में किसानों को पूरा लाभ मिल सके।
