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विशेष रिपोर्ट

अयोग्य साबित किए बिना मां से कस्टडी नहीं छीनी जा सकती

दिनांक: Sunday, 25 October 2026 | समय: 11:35 AM | लेखक: | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बच्चे की कस्टडी को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि माँ को अयोग्य साबित किए बिना उससे बच्चे की कस्टडी नहीं छीनी जा सकती। यह फैसला पारिवारिक विवादों में बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर भावनात्मक और कानूनी पेचीदगियाँ जुड़ी होती हैं।

अदालत का मानना है कि बच्चे की भलाई ही कस्टडी से जुड़े हर फैसले का केंद्र होनी चाहिए। केवल आरोपों या पारिवारिक मतभेदों के आधार पर किसी माता-पिता से कस्टडी छीनना उचित नहीं है। इसके लिए ठोस सबूतों के जरिए यह साबित करना जरूरी है कि संबंधित अभिभावक बच्चे की देखभाल के लिए उपयुक्त नहीं है। यह सिद्धांत दोनों माता-पिता पर समान रूप से लागू होता है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से निचली अदालतों को भी दिशा मिलेगी और कस्टडी मामलों में जल्दबाजी में लिए जाने वाले फैसलों पर रोक लगेगी। साथ ही, यह फैसला इस बात को भी रेखांकित करता है कि बच्चे को माता-पिता के विवाद का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। आने वाले समय में इसी तरह के मामलों में इस फैसले का हवाला दिया जा सकता है, जिससे पारिवारिक कानून में स्पष्टता बढ़ेगी।

तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Calcutta_High_Court.jpg (CC BY-SA 2.0)

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