LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
विशेष रिपोर्ट

एथलीट आधे, पदक रिकॉर्ड: पैरा खेलों की सुनहरी कहानी

दिनांक: Saturday, 24 October 2026 | समय: 04:53 AM | लेखक: | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट

एशियाई पैरा खेलों में भारत के 114 पदकों की कहानी सिर्फ संख्या की नहीं, बल्कि एक बदली हुई सोच की है। जापान के नागोया में भारतीय दल में सिर्फ 168 खिलाड़ी थे, जबकि 2023 में हांगझोऊ में 303 खिलाड़ी गए थे। इसके बावजूद पदकों की संख्या 108 से बढ़कर 114 हो गई। यह साफ दिखाता है कि अब फोकस संख्या पर नहीं, गुणवत्ता पर है।

इस बदलाव के पीछे वर्षों की मेहनत है। 2010 में गुआंगझोऊ में भारत ने सिर्फ 14 पदक जीते थे और 15वें स्थान पर था। 2018 में जकार्ता में 72 पदक और नौवां स्थान मिला। हर संस्करण में पिछला रिकॉर्ड टूटा और इस बार चौथा स्थान हासिल हुआ।

एथलेटिक्स से आए 65 पदक बताते हैं कि जमीनी स्तर पर प्रतिभा की कमी नहीं है। सुमित अंतिल, नितेश कुमार, शीतल देवी जैसे नाम अब घर-घर पहचाने जाते हैं। पैरा बैडमिंटन के फाइनल में दो भारतीयों का आमना-सामना इस गहराई का सबूत है।

लेकिन चुनौतियां अभी बाकी हैं। चीन के 427 पदकों से अंतर अभी बड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पैरा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और उन खेलों में मौके चाहिए, जहां भारत का प्रतिनिधित्व नहीं है। सुविधाएं बढ़ीं तो अगले संस्करण में भारत पदक तालिका में और ऊपर जा सकता है।

तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

संबंधित ख़बरें