कांस्टेबल से DSP तक अब एक जैसी होगी पुलिस ट्रेनिंग

देशभर में कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण अब एक जैसा होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने आदर्श प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करके सभी राज्यों को भेजा है। इसका उद्देश्य पुलिस प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में एकरूपता लाना और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी करना है।
पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। सेमेस्टर की परीक्षाओं के बीच स्कूलों की तरह टेस्ट भी होंगे। राज्य अपनी जरूरत के अनुसार इसमें कुछ अतिरिक्त विषय जोड़ सकेंगे। मध्य प्रदेश में नए सत्र से इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।
वीवीआईपी ड्यूटी और भीड़ नियंत्रण जैसे विषय पुलिसकर्मियों को बुनियादी प्रशिक्षण में पढ़ाए तो जाते हैं, पर उन्हें व्यवहारिक रूप से नौकरी के बाद ही देखा जाता है। अब पढ़ाई वाले सप्ताह में ही उन्हें मौके पर ले जाकर दिखाया जाएगा कि ड्यूटी कैसे की जाती है और व्यावहारिक कठिनाइयां क्या आती हैं।
प्रशिक्षण में आरक्षक से लेकर डीएसपी तक पुलिस के आचरण में बदलाव का भी प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रयास सभी राज्यों के पुलिस पाठ्यक्रम में एकरूपता लाना है ताकि सुरक्षा के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से एक समान तरीके से निपटा जा सके।
तस्वीर: Wikimedia Commons (GODL-India)
