हरियाणा में मिड-डे मील के 70 करोड़ बकाया, शिक्षक जेब से खिला रहे

हरियाणा के करीब 12 हजार स्कूलों में मिड-डे मील योजना की करीब 70 करोड़ रुपये की राशि छह महीने से बकाया बताई जा रही है। इसके चलते कई स्कूलों में शिक्षक अपनी जेब से खर्च करके बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
कुछ जगहों पर उधार लेकर भोजन बनाना पड़ रहा है। मिड-डे मील सरकारी स्कूलों के बच्चों के पोषण और उपस्थिति से सीधे जुड़ी योजना है, इसलिए भुगतान में देरी का असर गरीब परिवारों के बच्चों पर सबसे ज्यादा पड़ता है।
शिक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े लोगों का कहना है कि पोषण का अधिकार हर बच्चे का बुनियादी हक है। योजना की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि कोई बच्चा भूखा न रहे और शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च न करना पड़े।
तस्वीर: Wikimedia Commons (Public domain)
