संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने युवा प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत में युवा प्रदर्शनों के प्रति पुलिस की ‘कठोर’ प्रतिक्रिया पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में युवाओं की आवाज को सुनना और संवाद का रास्ता खुला रखना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों से निपटने में बल प्रयोग के मानकों का पालन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों का हिस्सा है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में युवाओं के विभिन्न आंदोलनों को लेकर देश में बहस तेज रही है। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच विश्वास कायम करना ही तनाव घटाने का स्थायी रास्ता है। इस विषय पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
