ग्रीन दिवाली से पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद

राष्ट्रव्यापी ग्रीन दिवाली अभियान की शुरुआत के साथ बाजार में पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। मिट्टी के दीये, प्राकृतिक रंग, बांस और जूट से बनी सजावटी वस्तुएं तथा हाथ से बने उपहार इस बार ग्राहकों की पसंद बन रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से इस बार हरे उत्पादों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दिख सकती है।
इस रुझान का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमों को मिलने की संभावना है। शिल्प मेलों और स्थानीय बाजारों में हस्तशिल्प उत्पादों की पूछ बढ़ी है। विक्रेताओं ने भी पर्यावरण अनुकूल सामान का स्टॉक बढ़ाया है, ताकि त्योहारी मांग को पूरा किया जा सके और ग्राहकों को विकल्प मिल सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह रुझान टिकता है तो त्योहारी बाजार की दिशा बदल सकती है। कम प्लास्टिक और कम प्रदूषण वाली खरीदारी न सिर्फ पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। आने वाले दिनों में मांग का असली रुझान स्पष्ट होगा।
