65 लाख वरासत भूमि अभिलेख ऑनलाइन, किसानों को मिलेगी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 65 लाख वरासत यानी उत्तराधिकार से जुड़े भूमि अभिलेख ऑनलाइन कर दिए गए हैं, जिससे किसान और भूमि स्वामी अब घर बैठे अपने रिकॉर्ड देख सकेंगे।
वरासत के मामले अक्सर लंबे समय तक अटके रहते थे, जिससे परिवारों को तहसील और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अभिलेख ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और गलतियों को सुधारना भी आसान होगा। डिजिटल उपलब्धता से धोखाधड़ी की गुंजाइश भी कम होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से भूमि विवादों में कमी आने की उम्मीद है। बैंक ऋण, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं के लिए जमीन के कागजात की जरूरत पड़ती है, ऐसे में ऑनलाइन अभिलेख किसानों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होंगे।
राजस्व विभाग की इस पहल को भूमि सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में बाकी अभिलेखों को भी डिजिटल मंच से जोड़ने की तैयारी है, ताकि प्रदेश के हर भूमि स्वामी को इसका लाभ मिल सके।
