एसआईआर विरोध में गिरफ्तार नेताओं को मिली जमानत

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में चल रहे आंदोलन से जुड़े नेताओं को शनिवार को बड़ी राहत मिली। हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके को अदालत से शर्तों के साथ जमानत मिल गई, जबकि नेहा बोरा भी हिरासत से बाहर आ गईं। दीपके पर शांति भंग करने का आरोप लगाया गया था। रिहाई के बाद समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। नागरिक संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका को लेकर सवाल उठाना अपराध नहीं माना जा सकता। आंदोलन से जुड़े लोगों ने घोषणा की है कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें देशभर से लोग शामिल होंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और किसी भी कार्यक्रम के लिए नियमों का पालन जरूरी है। इस घटनाक्रम ने एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी राजनीति के केंद्र में रहेगा और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव बढ़ सकता है।
