बिहार में वेतन घोटाले से दस लाख कर्मियों की सैलरी रुकी

बिहार में वेतन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आने के बाद सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानकारी के मुताबिक वेतन घोटाले की खबर के बाद प्रदेश के दस लाख से अधिक शिक्षकों और पुलिसकर्मियों समेत बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई है। त्योहारी सीजन से पहले वेतन न मिलने से कर्मचारी परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे जल्द भुगतान की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि जांच के नाम पर सभी का वेतन रोकना उचित नहीं है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, बेगुनाह कर्मचारियों को परेशानी नहीं झेलनी चाहिए। सरकार की ओर से मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और कहा गया है कि गड़बड़ी की पूरी पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। वेतन रोके जाने से स्कूलों और थानों तक में इस मुद्दे की चर्चा है। विपक्ष ने भी इस पर सरकार को घेरा है और कर्मचारियों को तुरंत राहत देने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं कि रुकी हुई सैलरी कब तक जारी होती है और घोटाले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
