बिहार नाव हादसे पर सियासी घमासान, सरकार पर उठे गंभीर सवाल

बिहार के राघोपुर क्षेत्र में हुए नाव हादसे के बाद इलाके में शोक के साथ-साथ भारी गुस्सा भी देखा जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा इंतजामों और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में नाव ही आवागमन का मुख्य साधन है, ऐसे में हादसों की रोकथाम के लिए पुख्ता व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठती रही है। घटना के बाद सियासत भी गरमा गई है। क्षेत्रीय विधायक तेजस्वी यादव को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आई, वहीं एनडीए सरकार को सहयोगी दल के नेता चिराग पासवान ने भी सवालों के घेरे में लिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने नावों की फिटनेस, क्षमता से अधिक सवारी और सुरक्षा उपकरणों को लेकर लापरवाही बरती। कुछ लोग इस हादसे की तुलना वर्ष 2017 की एक पुरानी रिपोर्ट से भी कर रहे हैं, जिसमें ऐसे ही खतरों की चेतावनी दी गई थी। प्रशासन की ओर से राहत और मुआवजे की घोषणा के साथ जांच का दावा किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और भविष्य में नाव परिचालन के सख्त नियमों की मांग तेज हो गई है। अब देखना है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
