विशेष रिपोर्ट पैरा खिलाड़ियों ने बदली खेल भारत की तस्वीर

एशियाई पैरा खेलों में सुवर्णा राज और सचिन खिलारी जैसे खिलाड़ियों के स्वर्ण पदकों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि भारतीय पैरा खेल अब विश्व मंच पर मज़बूती से खड़े हैं। कभी संसाधनों के अभाव से जूझने वाले ये खिलाड़ी आज देश का गौरव बन गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार बीते वर्षों में प्रशिक्षण सुविधाओं, विदेशी दौरों और आर्थिक सहायता में सुधार का सीधा असर परिणामों पर दिख रहा है। हालांकि ज़मीनी स्तर पर अभी भी बहुत काम बाकी है। इन खिलाड़ियों की कहानियां लाखों दिव्यांग युवाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं।
फिलहाल स्थिति पर प्रशासन और संबंधित संस्थान लगातार नज़र बनाए हुए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पब्लिक वॉयस न्यूज़ नेटवर्क इस मुद्दे की निरंतर कवरेज जारी रखेगा।
