विशेष रिपोर्ट: डिजिटल अरेस्ट, 8 महीने में 647 करोड़ की लूट

नई दिल्ली। साइबर ठगी का एक खतरनाक तरीका ‘डिजिटल अरेस्ट’ देश में तेजी से पैर पसार रहा है। इसमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल पर लोगों को डराते हैं कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स तस्करी जैसे मामले में आया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जनवरी से अगस्त 2026 तक डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी 21,900 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 647 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई, यानी औसतन हर दिन करीब 90 शिकायतें और 2.66 करोड़ रुपये की लूट।
बचाव का सबसे अहम नियम है कि कोई भी असली एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी या पैसे की मांग नहीं करती। अनजान कॉल पर डरकर पैसे ट्रांसफर न करें, तुरंत 1930 पर साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। जागरूकता ही इस ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
तस्वीर: Wikimedia Commons ()
