भारत पहली बार करेगा अंतरराष्ट्रीय विधि मापन बैठक की मेजबानी

नई दिल्ली। भारत पहली बार अंतरराष्ट्रीय विधि मापन समिति की 61वीं बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। उपभोक्ता कार्य विभाग की जानकारी के अनुसार यह बैठक 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में होगी। इसमें अलग-अलग देशों के विशेषज्ञ मापन से जुड़े नियमों और मानकों पर चर्चा करेंगे।
विधि मापन यानी तौल और माप के नियम रोजमर्रा के व्यापार की बुनियाद हैं। दुकान पर मिलने वाला सामान सही वजन में मिले, पेट्रोल पंप पर सही मात्रा में ईंधन मिले और पैकेट पर लिखी मात्रा भरोसेमंद हो, इसके पीछे यही व्यवस्था काम करती है। अंतरराष्ट्रीय मानकों में तालमेल से व्यापार भी आसान होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस मेजबानी से भारत को अपने मापन तंत्र, प्रयोगशालाओं और उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को दुनिया के सामने रखने का मौका मिलेगा। साथ ही दूसरे देशों के अनुभवों से घरेलू नियमों को और बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। डिजिटल तौल उपकरणों और नई तकनीक के दौर में सटीक मापन की चुनौतियां भी बैठक के केंद्र में रहेंगी।
उपभोक्ता संगठनों को उम्मीद है कि ऐसी चर्चाओं का लाभ अंत में आम ग्राहक तक पहुंचेगा। सही माप का सीधा संबंध पारदर्शी बाजार, निष्पक्ष व्यापार और उपभोक्ता के भरोसे से है, इसलिए यह आयोजन केवल तकनीकी बैठक नहीं, बल्कि व्यापारिक विश्वास से जुड़ा कदम माना जा रहा है।
