LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
विशेष रिपोर्ट

ग्रामीण पुस्तकालयों से बदल रही गाँवों की तस्वीर

दिनांक: Thursday, 15 October 2026 | समय: 10:31 PM | लेखक: | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट

महाराष्ट्र के छोटे गाँवों में पुस्तकालय आंदोलन ने शिक्षा की नई लहर पैदा की है। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित पुस्तकालयों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी नियमित रूप से आते हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रयासों से इन पुस्तकालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं, साहित्य और बाल पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। गाँव के युवाओं का कहना है कि पहले पढ़ाई के लिए शहर जाना पड़ता था, अब गाँव में ही माहौल उपलब्ध है। कई विद्यार्थी पुस्तकालय की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल भी हुए हैं। महिलाओं के लिए अलग पठन समूह बनाए गए हैं, जहाँ वे स्वास्थ्य और स्वयं-सहायता से जुड़ी जानकारियाँ प्राप्त करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पढ़ने की आदत समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है। स्थानीय शिक्षकों का योगदान भी इस पहल में महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि ऐसे पुस्तकालय हर गाँव तक पहुँचेंगे और शिक्षा की ज्योति घर-घर जलेगी।

संबंधित ख़बरें