गुवाहाटी में कल से शिल्प समागम मेला, कारीगरों को मिलेगा बाजार

असम की राजधानी गुवाहाटी में कल से आठ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 शुरू होने जा रहा है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य देश भर के कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। मेले में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद एक ही छत के नीचे बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
मेले में शामिल होने वाले कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के साथ नए खरीदारों और व्यापारिक संपर्कों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। हस्तनिर्मित सजावटी सामान, वस्त्र, बांस और बेंत के उत्पाद, मिट्टी के बर्तन और जनजातीय शिल्प लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजकों के अनुसार इससे स्थानीय रोजगार और छोटे उद्यमों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस तरह के मेलों से कारीगरों की आमदनी बढ़ती है और लुप्त होती पारंपरिक कलाओं को नई पहचान मिलती है। खरीदारों को भी बिना बिचौलियों के उचित दाम पर असली हस्तशिल्प खरीदने का मौका मिलता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे आयोजनों का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।
