LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
विशेष रिपोर्ट

एसआईआर विरोध में गिरफ्तार नेताओं को मिली जमानत

दिनांक: Saturday, 17 October 2026 | समय: 01:39 PM | लेखक: | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में चल रहे आंदोलन से जुड़े नेताओं को शनिवार को बड़ी राहत मिली। हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके को अदालत से शर्तों के साथ जमानत मिल गई, जबकि नेहा बोरा भी हिरासत से बाहर आ गईं। दीपके पर शांति भंग करने का आरोप लगाया गया था। रिहाई के बाद समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। नागरिक संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका को लेकर सवाल उठाना अपराध नहीं माना जा सकता। आंदोलन से जुड़े लोगों ने घोषणा की है कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें देशभर से लोग शामिल होंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और किसी भी कार्यक्रम के लिए नियमों का पालन जरूरी है। इस घटनाक्रम ने एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी राजनीति के केंद्र में रहेगा और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव बढ़ सकता है।

संबंधित ख़बरें