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मिलक में बवाल के बाद हटाएं गए एसडीएम और सीओ

Published on: 02-03-2024
  • इस मामले में चौकी प्रभारी सहित 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

डिप्टी ब्यूरो चीफ सलमान खान

रामपुर। मिलक कोतवाली क्षेत्र के सिलईबड़ा गांव में सरकारी जमीन पर डा.भीमराव अंबेडकर पार्क का बोर्ड लगाए जाने को लेकर हुए बवाल में छात्र सुमेश (17) की गोली लगने से मौत के मामले में मिलक के एसडीएम और सीओ को हटा दिया गया है। एसपी ने मिलक कोतवाली के इंस्पेक्टर, चौकी प्रभारी और तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चौकी प्रभारी सहित 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तनावपूर्ण माहौल और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुधवार की दोपहर सुमेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सिलईबड़ा गांव में मंगलवार को हुए बवाल में गोली लगने से छात्र सुमेश की मौत के मामले में उसके पिता गेंदनलाल ने देर रात को तहरीर देकर एसडीएम अमन देओल व तहसीलदार राकेश चंद्रा के निर्देश पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। बुधवार की सुबह आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद छात्र सुमेश का शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा तो परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। उनकी मांग थी कि एसडीएम और तहसीलदार पर भी रिपोर्ट दर्ज हो।

करीब दो घंटे बाद हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर परिजनों ने शव को उठाकर घर में रखा। शव के घर में रखने के बाद ग्रामीणों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं जमकर हंगामा किया। दोपहर 12 बजे जब शव को अंत्योष्टि के लिए ले जाया जा रहा था तो भीम आर्मी व ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। घर की कुछ ही दूरी पर छात्र का शव सड़क पर रखकर लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे।

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के आने तक अंतिम संस्कार न करने की बात कार्यकर्ता कहते रहे। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने श्मशानघाट में लोगों पर लाठियां फटकारीं। करीब ड़ेढ घंटे बाद संभल में पुलिस द्वारा नजरबंद किए गए चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो कॉलिंग पर छात्र के परिजनों, डीएम व एसएसपी से मामले की जानकारी ली। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा

एसडीएम मिलक के हमराह होमगार्ड, तहसलीदार के हमराह होमगार्ड, सिलईबड़ा चौकी के प्रभारी सुरेंद्र सिंह, सिपाही आदेश चौहान, वीरेंद्र, मुमतीरीन के अलावा गांव के नत्थुलाल, हेमराज, निर्वेश कुमार, झांजनलाल, तीरथ सिंह, जहोरीलाल, दिनेश कुमार, नौबत राम, हरनंदन, रामप्रकाश, ऊदल, लाल सिंह, बद्री प्रसाद, चरन सिंह, रविंद्र कुमार, राजेंद्र, भूपराम, नरेंद्र, कपिल पर एससी-एसटी एक्ट सहित 147,148, 149, 323, 302 की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

हटवाने गांव गए थे, जहां ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई। इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। एसडीएम अमन देओल को हटा दिया गया है। आरडीए के ओएसडी व डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार को नया एसडीएम बनाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मुआवजे के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। ग्रामीणों की जो भी मांग है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

डीएम जोगिंदर सिंह,

मामले में सीओ केएन आनंद को हटा दिया गया है। साथ ही कोतवाल अनुपम शर्मा, चौकी प्रभारी सिलईबड़ा दरोगा सुरेंद्र कुमार समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर किया गया है। जांच के बाद प्रकरण के सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी राजेश द्विवेदी

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