Latest News
‘यह नए नेतृत्व की तलाश करने का समय है’: ट्रम्प ने ‘बीमार’ खमेनेई के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया – क्या राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ नए सिरे से धमकियां दे रहे हैं?ट्रम्पियाना: पेटुलेंट पुरस्कार सेनानी के लिए कोई विराम नहीं‘पहले कभी नहीं देखा’: सऊदी गुफाओं में चीता की ममियाँ मिलीं – प्राकृतिक रूप से ममीकृत बड़ी बिल्लियों के लिए पहली बारएक अलग रोहित शर्मा: क्यों भारत के सलामी बल्लेबाज अब अधिक सावधानी से बल्लेबाजी कर रहे हैं | क्रिकेट समाचार‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन 43: रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना की फिल्म ने दुनिया भर में 1275 करोड़ रुपये कमाए |‘बंगाल टीएमसी से तंग आ चुका है’: महा जीत के बाद पीएम मोदी ने ममता पर निशाना साधा; मालदा रैली कल इंडिया न्यूजबजट 2026: लंबे समय से लंबित और लंबे समय तक चलने वाले कर मुकदमे से निपटने की तत्काल आवश्यकतावेनेजुएला से ईरान तक: कैसे अमेरिका की मिसाइल हमले से ठोस रॉकेट मोटर आपूर्ति संकट पैदा हो रहा है – समझाया गया‘मानो यह जंतर-मंतर हो!’ ED के आरोप से SC ‘परेशान’; एजेंसी का कहना है कि टीएमसी ने इंडिया न्यूज पर I-PAC की छापेमारी से पहले लोगों को HC आने के लिए कहा था‘खराब योजना’: निखिल कामथ ने बीएमसी चुनावों के दौरान शेयर बाजार बंद होने पर सवाल उठाए; झंडे ‘सराहना की गंभीर कमी’

JAMSHEDPUR : आधुनिक तकनीक से मछली पालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

Follow

Published on: 26-09-2025

अनुसूचित जनजाति मत्स्य पालकों को मिला लाभ

जमशेदपुर (झारखंड)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान, कोलकाता द्वारा 24 से 26 सितंबर 2025 तक आदिवासी उपयोजना अन्तर्गत मीठे पानी में आधुनिक तकनीक से मछली पालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण मत्स्य विभाग, पूर्वी सिंहभूम के सहयोग से जमशेदपुर में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में डॉ. दिलीप कुमार सिंह, मत्स्य वैज्ञानिक, केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

इनमें मिश्रित मछली पालन, मिट्टी एवं जल की गुणवत्ता, मत्स्य आहार, मत्स्य रोग प्रबंधन, आहार देने की रणनीति, समेकित मत्स्य पालन तथा तालाब निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इस प्रशिक्षण का संचालन जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना, सहायक मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने किया।

जिले के 30 अनुसूचित जनजाति मत्स्य कृषकों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया और आधुनिक तकनीकों की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 26 सितंबर 2025 को प्रतिभागियों को फिश फीड, फिश अंगुलिका तथा प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई। जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से आदिवासी मत्स्य कृषकों की आजीविका में सुधार लाना और जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास है।

Publice Voice News Network – Premium Description (Hindi)
Publice Voice News Network एक सशक्त, विश्वसनीय और स्वतंत्र मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है, जो जनता की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने के लिए समर्पित है। हम मानते हैं कि सच्ची पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता नहीं, सत्य की सेवा है — और इसी सिद्धांत पर हमारा पूरा नेटवर्क कार्य करता है।
Publice Voice News Network उन मुद्दों को उजागर करता है जो समाज, लोकतंत्र और मानवाधिकारों से जुड़े हैं, जिन्हें आमतौर पर मुख्यधारा मीडिया नजरअंदाज कर देता है। हम हर खबर को तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं— बिना दबाव, बिना डर और बिना समझौते के।

राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभरता हुआ विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क