सैटेलाइट इंटरनेट सेवा पर संसदीय समिति में चर्चा की तैयारी

देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की तैयारी के बीच अब संसद की समिति भी इस विषय पर गहन चर्चा करने जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को चर्चा के विषय के रूप में चुना है। समिति के सदस्य सांसद निशिकांत दुबे ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि आने वाली बैठकों में इस उभरती तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विचार होगा। सैटेलाइट आधारित इंटरनेट से पहाड़ी, सीमावर्ती और दूरदराज के उन इलाकों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने की उम्मीद है, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना कठिन है। चर्चा में लाइसेंसिंग, स्पेक्ट्रम, सुरक्षा मानकों और उपभोक्ताओं के हित जैसे सवालों पर विभाग और विशेषज्ञों का पक्ष सुना जा सकता है। कई निजी कंपनियां भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं, ऐसे में नियमन का ढांचा साफ होना जरूरी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संसदीय समिति की सिफारिशें सरकार की आगे की नीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से भी इस चर्चा को अहम माना जा रहा है।
