कैबिनेट फैसला: 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर जन्म से मिलेगी पेंशन सुविधा

केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम यानी एनएसएपी को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले की सबसे बड़ी बात यह है कि अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले बच्चों को जन्म से ही पेंशन का लाभ मिलेगा, जिससे दिव्यांग बच्चों वाले परिवारों को शुरुआती दौर से ही आर्थिक सहारा मिल सकेगा। अब तक कई मामलों में उम्र संबंधी शर्तों के कारण ऐसे परिवार लाभ से वंचित रह जाते थे। कैबिनेट ने कुछ कल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दी है, ताकि योजनाओं की पहचान और पहुंच लोगों के लिए आसान बन सके। सरकार का कहना है कि एनएसएपी बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों जैसे कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ है और इसे अगले पांच वर्ष तक बिना रुकावट चलाना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म से पेंशन की व्यवस्था दिव्यांग बच्चों के इलाज, पोषण और देखभाल में परिवारों की बड़ी मदद करेगी। राज्यों को भी केंद्र के साथ मिलकर पात्र लाभार्थियों की पहचान और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
