तीन कल्याणकारी योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटा, नया नाम मिला

सरकार ने तीन कल्याणकारी योजनाओं के नामों में बदलाव किया है। इन योजनाओं से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनकी जगह प्रधानमंत्री शब्द जोड़ा गया है। नामों में इस बदलाव की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने फैसले पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जाने की बात कही है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि सरकारी योजनाओं के नाम पद और संस्था से जुड़े होने चाहिए। योजनाओं के लाभार्थियों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि नाम बदलने से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट किया जाता रहा है कि नाम में बदलाव से योजनाओं की मूल व्यवस्था और लाभ की प्रक्रिया यथावत रहती है। फिर भी नामों को लेकर उठी बहस एक बार फिर यह दिखाती है कि कल्याणकारी योजनाएं केवल प्रशासनिक विषय नहीं होतीं, वे राजनीति और सार्वजनिक स्मृति से भी गहराई से जुड़ी होती हैं। आने वाले दिनों में इस फैसले पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
