मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा अभियान तेज़ हुआ

मध्य प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सड़क सुरक्षा अभियान को और तेज़ कर दिया है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर नियमित जांच कर रही हैं। अभियान के तहत बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर सख्ती बरती जा रही है, साथ ही तेज़ रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।अधिकारियों के अनुसार इस बार अभियान में केवल चालान काटने पर जोर नहीं है, बल्कि आम लोगों को जागरूक करना भी इसका अहम हिस्सा है। स्कूलों, कॉलेजों और बस अड्डों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। ट्रक और बस चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान और लापरवाही से होने वाले हादसे रोके जा सकें।प्रशासन का कहना है कि हादसों में कमी लाने के लिए सड़कों पर दुर्घटना संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं और वहां सुधार कार्य शुरू किया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और संकेतक बोर्ड लगाने का काम भी चल रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन प्रयासों से आने वाले महीनों में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी।
