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मानवाधिकार

सीसा विषाक्तता से हर साल 35 लाख मौतें: UN रिपोर्ट

दिनांक: Thursday, 15 October 2026 | समय: 09:26 AM | लेखक: | श्रेणी: मानवाधिकार

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सीसा यानी लेड की विषाक्तता हर साल दुनिया भर में करीब 35 लाख लोगों की मौत की वजह बनती है। रिपोर्ट में इसे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बताया गया है। सीसा पेंट, बैटरियों, दूषित मिट्टी और पानी के जरिए इंसानी शरीर में पहुंचता है और सबसे अधिक नुकसान बच्चों के दिमागी विकास को होता है। विशेषज्ञों के अनुसार सीसे के संपर्क में रहने वाले बच्चों में सीखने की क्षमता घटती है और व्यवहार संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। भारत समेत कई विकासशील देशों में अनियंत्रित बैटरी रीसाइक्लिंग और पुराने पेंट इस खतरे को बढ़ा रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वच्छ हवा-पानी और सुरक्षित वातावरण हर इंसान का बुनियादी अधिकार है और सरकारों को इस दिशा में कड़े कदम उठाने चाहिए। रिपोर्ट में सीसायुक्त पेंट पर प्रतिबंध, रीसाइक्लिंग का नियमन और जनजागरूकता बढ़ाने की सिफारिश की गई है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसका बोझ स्वास्थ्य व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों पर भारी पड़ेगा।

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