हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का नया ढांचा तैयार

चंडीगढ़। हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए एक नियामक ढांचा तैयार किया गया है, जिसे देश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत बनाए गए इस ढांचे का उद्देश्य मानसिक रोगियों के अधिकारों की रक्षा, उपचार की गुणवत्ता तय करना और संस्थानों का पंजीकरण व निगरानी सुनिश्चित करना है। राज्य में मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन के साथ जिलों में समीक्षा बोर्डों की व्यवस्था भी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में मानसिक रोगों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन जागरूकता और सुविधाओं की कमी के कारण अधिकतर मरीज इलाज से वंचित रह जाते हैं। नए ढांचे से निजी और सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को गरिमापूर्ण उपचार मिलेगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मानना है कि कलंक की भावना खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसके लिए जागरूकता अभियान जरूरी हैं। अन्य राज्य भी हरियाणा के अनुभव से सीख ले सकते हैं। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी, ताकि जमीनी स्तर पर मरीजों को वास्तविक लाभ मिल सके।
