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धर्म एवं संस्कृति

उज्जैन में शरद उत्सव की धूम, महाकाल को लगा खीर भोग

दिनांक: Sunday, 25 October 2026 | समय: 11:38 AM | लेखक: | श्रेणी: धर्म एवं संस्कृति

धर्मधानी उज्जैन में रविवार को शरद पूर्णिमा का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सोलह कलाओं से परिपूर्ण चंद्रमा की अमृतमयी किरणों के बीच हरिहर के आंगन में शरद उत्सव मनाया गया। महाकाल के दरबार से लेकर भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम तक भक्ति का उल्लास छाया रहा।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में संध्या आरती के दौरान शरद उत्सव मनाया गया। पुजारी ने भगवान महाकाल को केसरिया मीठे दूध का भोग लगाया। मंदिर के नैवेद्य कक्ष में बालगोपाल को भी दूध का भोग लगाया गया। सांदीपनि आश्रम में शाम को भगवान बलराम, श्रीकृष्ण, सुदामा और गुरुश्रेष्ठ सांदीपनि मुनि को खीर का महाभोग लगाया गया। भगवान को शरद पूर्णिमा के चंद्रमा की तरह सफेद पोशाक धारण कराई गई।

शहर में कई स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना हुई। पीर मत्स्येंद्रनाथ की समाधि पर चादर चढ़ाई गई, वहीं मां गढ़कालिका के दरबार में विशेष पूजा हुई। कुछ स्थानों पर गरबा उत्सव का भी आयोजन किया गया। कहीं भगवान को केसरिया दूध का भोग लगा तो कहीं खीर प्रसादी का वितरण हुआ। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा भी निभाई गई, जिसे अमृतमयी माना जाता है।

तस्वीर: https://thumb.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/c/c0/Mahakaleshwar_Mandir_in_Ujjain.jpg/1280px-Mahakaleshwar_Mandir_in_Ujjain.jpg?utm_source=commons.wikimedia.org&utm_campaign=imageinfo&utm_content=thumbnail (Public domain)

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