LIVE राष्ट्रीय संस्करण Sunday, 25 October 2026 ई-पेपर | publicvoicenewsnetwork.in

जनता की आवाज़ • सत्य की सेवा • बिना डर, बिना समझौते

ताज़ा खबर
सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगासूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल212 साल में पहली बार दिखे दुर्गा के स्वर्ण आभूषणनेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआतलेखक गांव में आज से अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 60 देशों के प्रतिनिधिजेलर 2 ने शनिवार को कमाए 24 करोड़ रुपयेम्यूजिक प्रोजेक्ट में हिमेश का माइक बंद, फिर भी गाते रहेरामायण के गीत मंगल रंग में रहमान अरिजीत की जुगलबंदीधुरंधर का फ्रीडिश प्रीमियर आज शाम सात बजे, हर घर पहुंचेगा
राष्ट्रीय

वीर मरुदु भाइयों को बलिदान दिवस पर उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि

दिनांक: Saturday, 24 October 2026 | समय: 03:39 PM | लेखक: | श्रेणी: राष्ट्रीय

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायक पेरिया मरुदु और चिन्ना मरुदु को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मरुदु भाइयों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में अदम्य साहस दिखाया था और उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणादायी गाथाओं में गिना जाता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन वीरों की स्मृति देशवासियों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और त्याग की भावना की याद दिलाती है। इतिहासकारों के अनुसार, मरुदु भाइयों का संघर्ष केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने व्यापक जनचेतना जगाने का काम किया। उनके बलिदान दिवस पर देशभर में उन्हें याद किया जाता है और युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जाता है। इस अवसर पर लोगों ने सोशल मीडिया और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भी उन्हें नमन किया। जानकारों का कहना है कि ऐसे वीर नायकों की कहानियों को पाठ्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक स्थान मिलना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को बेहतर ढंग से समझ सकें।

तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Madurai,_India.jpg (CC BY-SA 3.0)

संबंधित ख़बरें

राष्ट्रीय

सूरत में निर्मिति आर्ट एग्जिबिशन का अंतिम दिन, 38 कलाकार शामिल

25 October 2026

सूरत में आयोजित निर्मिति-सूरत आर्ट एग्जिबिशन का रविवार, 25 अक्टूबर को अंतिम दिन है। डुमस स्थित नोमैड्स कैफे में आयोजित…

राष्ट्रीय

नेहरू पार्क में आज शास्त्रीय संगीत संध्या, सितार वादन से शुरुआत

25 October 2026

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में रविवार, 25 अक्टूबर को शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा। एनडीएमसी…