आयुष्मान की आड़ में फर्जीवाड़ा, रायसेन मजदूर बंधक का आरोप

रायसेन जिले से आयुष्मान योजना की आड़ में फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मजदूर को पंद्रह दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, जबरन उसके दांत निकाले गए और बीस हजार रुपये मांगे गए। इस मामले के उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल में कई अन्य मरीजों को भी फर्जी क्लेम के लिए अवैध रूप से भर्ती किए जाने की चर्चा थी, लेकिन जांच टीम कथित तौर पर केवल पीड़ित मजदूर की एक फाइल देखकर लौट गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जांच इतनी सीमित क्यों रही और बाकी वार्डों तथा फाइलों की गहन जांच क्यों नहीं की गई। क्या यह फर्जीवाड़ा केवल अस्पताल तक सीमित है या महकमे के भीतर भी किसी का संरक्षण हासिल है, यह जांच का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पूरी पारदर्शिता से जांच होनी चाहिए, ताकि योजना का लाभ सचमुच जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Palon_ReWalk_neuro-rehabilitation_center_Guwahati.jpg (CC BY-SA 4.0)
