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धर्म एवं संस्कृति

कुल्लू दशहरा में देवी पालकियों की शोभायात्रा लोक नृत्य संगीत गूंजा

दिनांक: Saturday, 24 October 2026 | समय: 03:37 PM | लेखक: | श्रेणी: धर्म एवं संस्कृति

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान देवी-देवताओं की पालकियों की शोभायात्राओं ने पूरे नगर को भक्ति और उल्लास से भर दिया है। सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव में स्थानीय देवी-देवताओं की पालकियां पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर ढालपुर मैदान पहुंचती हैं। कलाकार कुल्लवी नाटी लोक नृत्य प्रस्तुत करते हैं और संगीतकार पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते हैं। भगवान रघुनाथ और भगवान नरसिंह सहित विभिन्न देवी-देवताओं की शोभायात्राओं में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इस उत्सव को हिमाचल की अनूठी सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा जाता है। देवी-देवताओं के एक साथ एकत्र होने से क्षेत्र की प्राचीन परंपराएं और धार्मिक आस्थाएं जीवंत हो उठती हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु तथा पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को ढालपुर में बिजली महादेव के अस्थायी शिविर में पूजा-अर्चना की और देवता का आशीर्वाद लिया। इससे पहले शुक्रवार शाम को उन्होंने भगवान रघुनाथ के शिविर में भी दर्शन किए थे। उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और जन आस्था का प्रतीक है। यह उत्सव पीढ़ियों से चली आ रही देव परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Kullu_Dussehra_-_main_procession.jpg (CC BY-SA 3.0)

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