पत्रकारों के उत्पीड़न आरोपों पर दिल्ली पुलिस को आयोग का नोटिस

नई दिल्ली। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है। आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह मामला 3 अक्टूबर को राजधानी में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पत्रकारों ने 3 अक्टूबर की शाम संसद मार्ग थाने में धरना दिया था, जो अगले दिन भी जारी रहा। इसी दौरान मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। धरने के दौरान पुलिस ने 17 छात्रों और स्वतंत्र पत्रकारों को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने सभी को जमानत दे दी थी।
आयोग के अनुसार नई दिल्ली जिला पुलिस को इस संबंध में शिकायतें मिली थीं, जिन्हें जांच के लिए अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया है। अदालत ने संसद मार्ग थाने के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया था। आयोग ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Jitendra_Singh_at_the_inaugural_session_of_the_Tripura_Journalists_Union%E2%80%99s_State_Conference_and_meeting_of_Northeast_India_Federation_of_Journalists,_in_Agartala,_Tripura.jpg (GODL-India)
