यात्रा में बच्चों से नारे लगवाने पर मानवाधिकार आयोग सख्त

नई दिल्ली। बच्चों को एक राजनीतिक यात्रा में शामिल कर उनसे नारे लगवाने के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर मामले की जांच कराने और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में बच्चों को पैसे देकर यात्रा में लाए जाने की आशंका भी जताई गई थी।
आयोग की पीठ ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा मामला माना है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले में संज्ञान लिया गया है। आयोग ने यह भी कहा है कि जांच में यह पता लगाया जाए कि क्या बच्चों को किसी तरह का आर्थिक प्रलोभन देकर यात्रा में शामिल किया गया था और बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
इसके साथ ही आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय को बच्चों के कथित वीडियो और तस्वीरों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को देखने के लिए कहा गया है। आयोग का कहना है कि बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल करना उनके अधिकारों के खिलाफ है और इस पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:%22IMG_0069_145%22.jpg (CC BY-SA 4.0)
