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नैमिषारण्य पथ पर 24 से 29 अक्टूबर तक हरिशंकरी पौधारोपण यात्रा

दिनांक: Saturday, 24 October 2026 | समय: 11:39 AM | लेखक: | श्रेणी: स्थानीय खबरें

लखनऊ की लोक भारती संस्था चौबीस से उनतीस अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के तीर्थ क्षेत्रों में हरिशंकरी की माला पहनाने का अभियान चला रही है। हरिशंकरी का अर्थ है पीपल, बरगद और पाकड़ के तीन पेड़ों को एक साथ लगाना। इस अभियान के पहले चरण में नैमिषारण्य के चौरासी कोस परिक्रमा पथ पर यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें हर कोस पर वृक्षारोपण किया जाएगा।

संस्था के अवध क्षेत्र के अध्यक्ष पवन सिंह चौहान के अनुसार हर कोस का नाम किसी ऋषि के नाम पर रखा जाएगा। वृक्षारोपण संतों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समुदाय की भागीदारी से किया जाएगा। भविष्य में इन पौधों के स्थान को कोस पड़ाव के रूप में विकसित करने की योजना है, ताकि परिक्रमा करने वाले यात्रियों को छाया और विश्राम की सुविधा मिल सके।

इसके बाद अयोध्या, मथुरा और चित्रकूट के परिक्रमा पथों पर भी इसी तरह का अभियान चलाने की योजना है। आयोजकों का कहना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और तीर्थ परंपरा, दोनों को एक साथ जोड़ती है। पेड़ों के बड़े होने पर ये मार्ग हरे-भरे होंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए धार्मिक व प्राकृतिक धरोहर का काम करेंगे।

तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Pillalamarri_Banyan_Tree_Mahabubnagar_Telangana_India_2.jpg (CC BY-SA 4.0)

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