भारत-उज़्बेकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया

भारत और उज़्बेकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह की बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक में आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम तरीकों के आदान-प्रदान पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडलों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच सहयोग विकसित करने की संभावनाओं पर भी बात की। संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढाँचे और यूरेशियाई समूह जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक उज़्बेकिस्तान में दोनों देशों की सहमति से तय की गई तारीख पर होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य एशिया में शांति और स्थिरता के लिए भारत-उज़्बेकिस्तान सहयोग अहम है। आतंकवाद आज किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौती है। ऐसे में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर तालमेल बढ़ाना समय की माँग है।
तस्वीर: https://commons.wikimedia.org/wiki/File:East%20wall%20of%20Sher-Dor%20Madrasa%2C%20Samarkand%2C%20Uzbekistan%20%282025%29.jpg (CC BY-SA 4.0)
