पंजाब तीर्थ यात्रा योजना में असुरक्षित बसों पर NHRC सख्त

नई दिल्ली। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में इस्तेमाल हो रही बसों की सुरक्षा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग का कहना है कि बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए चलाई जा रही इस कल्याणकारी योजना में ऐसी बसें लगाई जा रही हैं जो सुरक्षा के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। आयोग ने मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी कल्याणकारी योजना के नाम पर लाभार्थियों के जीवन को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। आयोग के अनुसार बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी हाल में समझौता नहीं होना चाहिए। शिकायत में बसों की संरचना में किए गए कई खतरनाक बदलावों का जिक्र किया गया है।
शिकायत के मुताबिक बसों में बिना अनुमति के संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। ड्राइवर के केबिन को यात्रियों के हिस्से से अलग करने के लिए विभाजन और दरवाजे लगाए गए हैं, जो आपात स्थिति में बाधा बन सकते हैं। आपातकालीन निकास और खिड़कियों को बाधित किया गया है, जबकि आग का पता लगाने, उसे बुझाने और आपात निकासी की व्यवस्था में भी भारी कमी पाई गई है।
तस्वीर: Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
